Insurance kya hota hai | जीवन बीमा क्या होता है


Insurance kya hota hai | what is insurance in hindi

Insurance kya hota hai



Insurance के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी तो सभी को होती है लेकिन Insurance की पूर्ण जानकारी आप सभी को होनी चाहिए जिससे जब आप कभी भी कोई Insurance करवाते है अपने लिए सही इन्शुरन्स का चुनाव कर पाए एक सही इन्शुरन्स का चुनाव करना ही इन्शुरन्स को मायने देता है यदि आप सही इन्शुरन्स का चुनाव नही किये है तब आपको इसका सही लाभ नही मिल पाता चलिए जानते है कि Insurance क्या होता है 


Insurance क्या होता है 

Insurance ऐसी प्रक्रिया या साधन को कहते है जिसे हम कुछ प्रीमियम देकर बीमा करता कम्पनी पर सारा जोखिम उस पर डाल देते है जब बीमा लेने वाले व्यक्ति या जिस पर बीमा किया गया है यदि उसे कुछ होता है तब बीमा करता कंपनी सारा भुगतान क्लेम अपने ऊपर लेती है इसे ही हम Insurance कहते है ।

Insurance. आप किस भी बस्तु या ब्यक्ति का कर सकते है सभी के लिए एक प्रीमियम या क़िस्त को जमा करना पड़ता है आप जिस कम्पनी से बीमा कराते है 

इन्शुरन्स अथवा बीमा कई प्रकार के होते है और सभी का प्रीमियम भी अलग होता है ये निर्भर करता है कि आप उस बीमा करता कंपनी पर कितना जोखिम डालते है 
उसी अनुसार आपको प्रीमियम भरना पड़ता है ।

कोई भी बीमा को एक कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है जब कोई बीमा इन्शुरन्स आप करते है तब उसकी पालिसी के अंतर्गत लिखे गए घटना के होने पर आपको निश्चित एक धनराशि आपको प्रदान की जाती है उस बीमा करता कंपनी के द्वारा ।

कोई भी बीमा एक निश्चित समय के लिया किया जाता है यदि इस अवधि के अंदर कोई घटना होती है तभी आपको उसका मुवाज़ा दिया जाता है 

यह राशि उस ब्यक्ति को दी जाती है जो इस प्रीमियम को भरता है या फिर उस बीमा में दिए गए नामांकित व्यक्ति को दिया जाता है 

नामांकित व्यक्ति को यह धनराशि तभी प्रदान किया जाता है जब बीमा लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तब उस बीमा का सारा भुगतान नामंकित को दिया जाता है ।

बीमा (Insurance) लेने से पहले की सावधानियां 

बीमा किसी इन्शुरन्स कंपनी का एजेंट के माध्यम सर किया जाता है जो आपको बीमा से संबंधित सारी बातों को बताता है सभी एजेंटो पर भरोसा भी नही किया जा सकता ऐसे में आप अपने एरिया में रहने वालों एजेंट से मिल सकते है ।

लेकिन यहां भी आप उस एजेंट पर पूर्ण रूप से भरोसा करने से पहले लोगो से उसके बारे में जानकारी प्राप्त करले ।

कोई भी बीमा लेने से पहले Online इंटरनेट पर भी सर्च कर सकते है कि कोन से प्लान में कोन सी कंपनी आपको ज्यादा मुनाफा देती है ।

रिसर्च से आपको बहुत फायदा होगा जिसे आपको बीमा के वारे में थोड़ी बहुत जानकारी हो जाएगा और कोई भी आपको गलत जानकारी देता है तब आप उससे बच सकते है ।

एजेंट बीमा कैसे करता है जरूरी डॉक्यूमेंट

कोई भी बीमा लेने के लिए सही एजेंट का चुनाव करने के बाद अब बीमा लेने की बारी आती है ऐसे में आपको एजेंट सारी जानकारी देता है कि आपको इतने प्रीमियम में बीमा कम्पनी आपको इतना मुनाफा देती है 

यह पर आपको जो सही लगे उसी का चनाव करें जिससे आपको प्रीमियम भरने में कोई परेशानी न हो 

बीमा का चनाव करने के बाद अब आपसे डॉक्यूमेंट मांगता है जिसका बीमा करना है ऐसे में आप इंडिया में बैध दुक्यूमेंट देना पड़ता है ।

आधार कार्ड , पैन कार्ड , ड्राइविंग लाइसेंस , साथ ही आपकी फ़ोटो ऐसे ही document की जरूरत होती है इतना सब करने के बाद एजेंट आपसे पहला प्रीमियम जमा करने के लिए आपको कहता है आपको प्रीमियम जमा करने के बाद उस कम्पनी की तरफ से एक बांड दिया जाता है जो इस बात का प्रूफ होता है कि आपने इस कमपनी से बीमा लिया है 

इस बांड में सभी जानकारी लिखी होती है कि आपको कितना फायदा मिलेगा और आपका बीमा कितने वर्ष का है सभो जानकारी उसमे होती है ।


बीमा ( Insurance ) के फायदे और नुकसान 

किसी भी बीमा के फायदे और नुकसान तो होते ही है लेकिन यदि आप एक सही बीमा का चुनाव करते है तो नुकसान होने के बहुत कम होने की उम्मीद होती है 

कोई भी बीमा लेते है यो उसमे term condition होतो है इसे पढ़ कर आप बीमा में होने वाले रिस्क को जान सकते है यह term condition सभी नही पढ़ते है लेकिन यदि आप इसे पढ़ते है आपको पूरी जानकारी हो जाती है ।

Insurance बीमा कितने प्रकार का होता है 

बीमा के कई प्रकार होते है यह निर्भर करता है कि आप क्या और किस पर बीमा अथवा insurance करना चाहते है 

जैसा कि आपको यदि अपनी कार या बाइक का इन्शुरन्स करना हो इसमे 3 प्रकार के बीमा किया जाता है जिसे हम first पार्टी , secound पार्टी और थर्ड party इन्शुरन्स के नाम से जानते है ।

चलिए जानते है कि इन्शुरन्स कितने प्रकार का होता है

Insurance के प्रकार बीमा कितने प्रकार के होते है 

वैसे तो बीमा बहुत प्रकार के होते है यहां पर हम सबसे मुख्य बीमा की बात करेंगे जिनका प्रयोग ज्यादा किया जाता है 
  • जीवन बीमा 
  • ऑटोमोबाइल बीमा 
  • पेंशन बीमा 
  • गृह बीमा 
  • बिज़नेस बीमा 
  • स्वस्थ बीमा 

Jeevan bima क्या है 

Jeevan beema एक प्रकार से आपके जीवन का बीमा होता है जिसे हम लाइफ इन्शुरन्स भी कहते है इस तरह के बीमा में आपको प्रीमियम भरना होता है यह प्रीमियम आपको मंथली या वार्षिक भरना होता है यह आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप कैसे भरना चाहते है ।

 यह बीमा लेने से हमे यदि कोई परेशानी या बीमा लेने वाले व्यक्ति की मृत्यु होती है तब जिस प्लान के तहत बीमा लिया गया होता है उसके मुताविक बीमा की रकम उसके परिवार को दिया जाता है 

इस तरह के बीमा में हमे अधिक पैसे मिलते है मेरा मानना है कि हर एक ब्यक्ति को अपना जीवन करना चाहिए जिससे यदि किसी कारण व्यक्ति की मृत्यु होती है तब उसके परिवार को सहायता प्रदान किया जाता है जिससे उस परिवार की परेशानिया कम हो जाती है ।

ऑटोमोबाइल बीमा 

ऑटो मोबाइल बीमा यह हमारे कार या बाइक किसी प्रकार के वाहन से संबंधित बीमा होता है इसके अंतर्गत हमे अपने वाहन से होने वाले एक्सीडेंट या वाहन के चोरी या छतिग्रस्त होने पर हमें उस पालिसी टर्म के अनुसार हमे उसका मुवाजा बीमा कम्पनी देती है ।

सभी पार्टी के Insurance के क्लेम और प्रीमियम में बदलाव होता है यहां पर जितने ज्यादा क्लेम बीमा कम्पनी अपने ऊपर लेना चाहती है उसी के अनुसार आपको प्रीमियम देना पड़ता है इसलिए इसे तीन भागों में बाटा गया है 

ऑटो बीमा तीन प्रकार के होते है 

1. First party insurance

2. Secound party इन्शुरन्स

3. Third party insurance

चलिए जानते है first secound third part insurance क्या होता है 

What is First party insurance 

इस तरह के बीमा का प्रयोग हमारे वाहन को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है जैसे कार , बाइक , बस , किसी भी प्रकार का वाहन हो इसमे हमे फर्स्ट , secound , और थर्ड पार्टी insurance की सुबिधा मिलती है हम बात करने वाले है फर्स्ट पार्टी insurance क्या होता है 

फर्स्ट पार्टी इन्शुरन्स में आपको बीमा कम्पनी यदि आपकी गाड़ी से किसी से एक्सीडेंट हो जाता है तब बीमा कंपनी आपको और आपको गाड़ी में हुई टूट फुट और आपकी गाड़ी जिस ब्यक्ति की गाड़ी उसकी गाड़ी में हुए नुकसान और उस व्यक्ति के शारीरिक नुकसान का हर्जाना बीमा कंपनी देती है जो फर्स्ट पार्टी insurance के अंतर्गत आता है फर्स्ट पार्टी इन्शुरन्स में यदि आपकी गाड़ी चोरी हो जाती है तो इसका भी क्लेम आप बीमा कंपनी से ले सकते है इसे हम फर्स्ट पार्टी insurance कहते है ।

 Secound 2 party insurance क्या होता है ?

Secound पार्टी हम बीमा देने अथवा हम जिस कंपनी से बीमा लेते है वह secound 2 पार्टी होता
 

Third 3 party insurance क्या होता है 

3 पार्टी इन्शुरन्स का होना अनिवार्य है हमारे इंडिया यदि आप किसी वाहन के मालिक है तो आपको कम से कम third insurance तो कराना ही पड़ेगा अन्यथा आप अपना वाहन चलाते है तो आपके वाहन का चालान काटा जाएगा 

जब हम कोई बीमा लेते है बीमा करने वालो कंपनी को हम 2 पार्टी कहते है जो व्यक्ति बीमा ले रहा है वह फर्स्ट पार्टी होता है ।

 जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि कोई तीसरा जिसको सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह पालिसी है थर्ड पार्टी इन्शुरन्स में किसी तीसरे व्यक्ति को सुरक्षा प्रदान किया जाता है जैसे यदि आपका वाहन किसी व्यक्ति से टकराता है तो तब यदि इसमे वह व्यक्ति घायल या उसकी  मरता है तब बीमा कंपनी उस व्यक्ति की जिमेदारी लेती है और उसका मुवाज उस व्यक्ति को देती है इसे ही हम थर्ड 3 पार्टी इन्शुरन्स कहते है 

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Conclution :

आज की पोस्ट insurance क्या होता है  ( what is insurance ) हमने इन्शुरन्स से जुड़े सभी जानकारी देने का प्रयास किया है यदि इस पोस्ट से संबंधित कोई अन्य सवाल है तो हमे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते है हम आपके सवालो का जवाब जल्द ही देने की कोसिस करेंगे हमारी वेबसाइट technic radar पर आने के लिए आपका धन्यवाद

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